Quran Quote  : 

कुरान मजीद-45:31 सुरा अल-जासिया हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَأَمَّا ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ أَفَلَمۡ تَكُنۡ ءَايَٰتِي تُتۡلَىٰ عَلَيۡكُمۡ فَٱسۡتَكۡبَرۡتُمۡ وَكُنتُمۡ قَوۡمٗا مُّجۡرِمِينَ

लिप्यंतरण:( Wa ammal lazeena kafarooo afalam takun Aayaatee tutlaa 'alaikum fastakbartum wa kuntum qawmam mujrimeen )

और रहे वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, तो (उनसे कहा जाएगाः) क्या तुम्हारे सामने मेरी आयतें नहीं पढ़ी जाती थीं? परंतु तुमने घमंड किया और तुम अपराधी लोग थे।

सूरा अल-जासिया आयत 31 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Jathiya verse 31 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Jathiya ayat 30 which provides the complete commentary from verse 30 through 37.

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