Quran Quote  : 

कुरान मजीद-72:6 सुरा अल-जिन हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَأَنَّهُۥ كَانَ رِجَالٞ مِّنَ ٱلۡإِنسِ يَعُوذُونَ بِرِجَالٖ مِّنَ ٱلۡجِنِّ فَزَادُوهُمۡ رَهَقٗا

लिप्यंतरण:( Wa annahoo kaana rijaalun minal insi ya'oozoona bi rijaalin minal jinni fa zaadoohum rahaqa )

और वास्तविकता यह है कि मनुष्यों में से कुछ लोग, जिन्नों में से कुछ लोगों की शरण लिया करते थे। तो उन्होंने उन (जिन्नों) को सरकशी में बढ़ा दिया।

सूरा अल-जिन आयत 6 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Jinn verse 6 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Jinn ayat 1 which provides the complete commentary from verse 1 through 7.

सूरा अल-जिन सभी आयत (छंद)

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