लिप्यंतरण:( An Naaru yu'radoona 'alaihaa ghuduwwanw wa 'ashiyyanw wa Yawma taqoomus Saa'aatu adkhilooo Aala Fir'awna ashaddal 'azaab )
12. ह़दीस में है कि जब तुममें से कोई मरता है तो (क़ब्र में) उसपर सुबह और शाम उसका स्थान प्रस्तुत किया जाता है। (अर्थात स्वार्गी है तो स्वर्ग और नारकी है तो नरक)। और कहा जाता है कि यही प्रलय के दिन तेरा स्थान होगा। (सह़ीह़ बुख़ारी : 1379, मुस्लिम : 2866)
The tafsir of Surah Muminun verse 46 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Muminun ayat 41 which provides the complete commentary from verse 41 through 46.
सूरा ग़ाफ़िर आयत 46 तफ़सीर (टिप्पणी)