कुरान उद्धरण : 
بِسۡمِ ٱللهِ ٱلرَّحۡمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

فَذَكِّرۡ إِنَّمَآ أَنتَ مُذَكِّرٞ

अतः आप नसीहत करें, आप केवल नसीहत करने वाले हैं।

لَّسۡتَ عَلَيۡهِم بِمُصَيۡطِرٍ

आप उनपर कोई दरोग़ा (नियंत्रक) नहीं हैं।

إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَ

परंतु जिसने मुँह फेरा और कुफ़्र किया।

فَيُعَذِّبُهُ ٱللَّهُ ٱلۡعَذَابَ ٱلۡأَكۡبَرَ

तो अल्लाह उसे सबसे बड़ी यातना देगा।

إِنَّ إِلَيۡنَآ إِيَابَهُمۡ

निःसंदेह हमारी ही ओर उनका लौटकर आना है।

ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَاحِسَابَهُم

फिर बेशक हमारे ही ज़िम्मे उनका ह़िसाब लेना है।[4]

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